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पुनर्वित्त योजना

पुनर्वित्त योजना

1. उद्देश्‍य:

आईआईएफसीएल की पुनर्वित्‍त योजना का प्रमुख उद्देश्‍य देश में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए निधियों का प्रवाह बढाना है। योजना के तहत आईआईएफसीएल बैंकों एवं वित्‍तीय संस्‍थानों को उनकी बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं से संबंधित पुनर्वित्‍त उपलब्‍ध कराएगा।

2. पात्रता:

  1. पात्र संस्‍थान:
    1. भारत में विद्यमान अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक
    2. कंपनी अधिनियम, 1956 की धारा 4 (क) के तहत अधिसूचित सार्वजनिक वित्‍तीय संस्‍थान
  2. पात्र अवसंरचना परियोजनाएं: ऐसी किसी भी क्षेत्र की बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं जो सिफ्टी के तहत अधिसूचित है।

3. पुनर्वित्त की सीमा:

आईआईएफसीएल उधार लेने वाले पात्र संस्‍थानों को बकाया ऋण का 80 प्रतिशत तक का पुनर्वित्‍त उपलब्‍ध कराएगा।

4. ब्‍याज दर:

ब्‍याज दर आईआईएफसीएल की मापदंड दर से जुडी होगी जो संस्‍थान की निम्‍नलिखित क्रेडिट रेटिंग के आधार पर होगी:

संस्‍थान का बाहरी दर निर्धारण जिसके लिए पुनर्वित्‍त पेश किया जा रहा है प्रभारित किये जाने वाला न्‍यूनतम ब्‍याज दर
एएए अथवा समतुल्‍य आईआईएफसीएल की मापदंड दर
एए/एए+/एए- अथवा समतुल्‍य आईआईएफसीएल की मापदंड दर + 15 बीपीएस
ए/ए+/ए-अथवा समतुल्‍य आईआईएफसीएल की मापदंड दर + 30 बीपीएस

पुनर्वित्‍त दर वार्षिक तौर पर अथवा समय-समय पर पुनर्निर्धारित की जा सकती है।

5. पुनर्वित्‍त की अवधि:

पुनर्वित्‍त की अधिकतम अवधि कम से कम एक वर्ष युक्‍त् अधिकतम अवधि के साथ आईआईएफसीएल की प्रचलित देयता प्रोफाइल पर आधारित होगी।

6. पुनर्वित्‍त का पुनर्भुगतान:

मूलधन का पुनर्भुगतान एवं ब्‍याज का भुगतान मासिक/तिमाही आधार पर किया जा सकता है। समान किस्‍त, संरचित पुनर्भुतान, त्‍वरित पुनर्भुतान इत्‍यादि को शामिल करने के लिए मूलधन के पुनर्भुगतान की संरचना की जा सकती है। पात्र ऋणदाता संस्‍थानों को प्रत्‍येक पुर्नवित्‍त जारी करने के पश्‍चात पुनर्वित्‍त अनुसूची में ब्‍याज एवं मूलधन के भुगतान की अंतिम तिथि से अवगत कराया जाएगा।

7. आईआईएफसीएल का निवेश:

  1. अंतर्निहीत ऋण (णों) का ऋण जोखिम, जिस पर आईआईएफसीएल द्वारा पुनर्वित्‍त प्रदान किया गया है, पूर्णत: उधार लेने वाले पात्र संस्‍थानों के पास रहेगा जिसे पुनर्वित्‍त प्रदान किया गया है। आईआईएफसीएल का निवेश पात्र संस्‍थानों को होगा जिसको आईआईएफसीएल द्वारा पुनर्वित्‍त प्रदान किया गया है। आईआईएफसीएल का अनुमेय निवेश अधिकतम नियामक निवेश सीमा के अधीन होगा।

8. पुनर्वित्‍त की अन्‍य शर्तें

  1. पुनर्वित्‍त प्राप्‍त करने की अधिकतम समय सीमा आईआईएफसीएल द्वारा संस्‍वीकृत पुनर्वित्‍त की तिथि से तीन माह तक है।
  2. ऋण दायित्‍वों का शोधन न होने पर 2 प्रतिशत का दंडस्‍वरूप ब्‍याज लगाया जाएगा एवं आईआईएफसीएल के पास पात्र संस्‍थान से ब्‍याज/दंड स्‍वरूप ब्‍याज/ इस संबंध में वसूली के व्‍यय, शुल्‍क एवं कोई अन्‍य व्‍यय इत्‍यादि के साथ ऐसी पुनर्वित्‍त राशि की वसूली के सभी अधिकार होंगे।
  3. पुनर्वित्‍त का पूर्वभुगतान करने पर बकाया पुनर्वित्‍त राशि पर 2 प्रतिशत तक का पूर्वभुर्गतान दंड ब्‍याज लगेगा।
  4. उधार लेने वाली संस्‍थाएं प्रत्‍येक तिमाही में विघिवत प्रमाणपत्र प्रस्‍तुत करेंगे जिसमें प्रत्‍येक अंतर्निहीत परियोजना, जिसके लिए पुनर्वित्‍त प्राप्‍त किया गया है, के संबंध में बकाया राशि स्‍पष्‍ट तौर पर उल्‍लेख किया गया हो।
  5. उधार लेने वाली संस्‍थाएं प्राप्‍त पुनर्वित्‍त के संबंध में प्रतिकूल शेष राशि (पुनर्वित्‍त की बकाया राशि अंतर्निहीत परियोजना ऋण के बकाया राशि का 80 प्रतिशत से अधिक रहने पर) से बचने का प्रयास करेंगे। ऐसे मामलों में आईआईएफसीएल के पास प्रतिकूल शेष अवधि के लिए 2 प्रतिशत प्रतिवर्ष का अतिरिक्‍त ब्‍याज लेने का अधिकार होगा। आईआईएफसीएल ऐसे मामलों में बिना कोई पूर्वभुगतान दंड लगाये प्रतिकूल शेष की सीमा तक पूर्व भुगतान करने की अनुमति देगा। उधारकर्ता वैकल्पिक रूप से मौजूदा अंतर्निहीत ऋणों को उन नये परियोजना ऋणों में भी बदल सकता है जो इस योजना (अनुच्‍छेद 2(ii) के अधीन पात्र ऋण हैं।
  6. आईआईएफसीएल का पुनर्वित्‍त पोर्टफोलियों अपने कुल अग्रिमों के 20 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा।