योजना / उत्पाद

4.  आई.आई.ऍफ़.सी.एल के लिए वित्तपोषण के माध्यमभारत आधारभूत संरचना वित्त निगम लिमिटेड (आई.आई.ऍफ़.सी.एल) (संशोधित) नामक विशिष्ट उद्देश्य साधन  के द्वारा सक्षम  आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण योजना  प्रस्तावना

A.  जहाँ की भारतीय सरकार यह स्वीकार करती है की विभिन्न क्षेत्रों में भौतिक आधारभूत संरचना की उपलब्धता में महत्वपूर्ण कमी है और यह आर्थिक विकास में विघ्न दाल रही है|

B.  जहाँ की आधारभूत संरचना की आवश्यकता दीर्घ परिपक्वता वाले कर्ज हैं जिससे की वर्तमान में उपलब्ध ऋण कोषों को पूरा किया जा सके; तथा
 
C.  जहाँ की भारत सरकार यह स्वीकार करती है की ऐसे कर्ज प्रायः निम्नलिखित विघ्नों की वजह से उपलब्ध नहीं होते हैं:
•     बाजार से दीर्घ-कालीन ऋण लेने के लिए बेंचमार्क दरों के अनुपस्थिति से;
•    अधिकतम वितीय संस्थानों के स्थिति में ऋण काल का संपत्ति-दायित्व मिस्मत्च; तथा
•    दीर्घ-कालीन ऋण का उच्चतम मूल्य|
D.  अब, इसलिए, भारत सरकार ने निम्नलिखित योजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने का निश्चय किया है जिससे की आधारभूत परियोजनाओं की जीवन-क्षमता  में सुधार आ सके|

2.  लघु शीर्षक तथा विस्तार
2.1  योजना को सक्षम  आधारभूत संरचना परियोजनाओं के वित्तपोषण की परियोजना कहा जायेगा| वित्त मंत्रालय इसका अधिशासन आई.आई.ऍफ़.सी.एल द्वारा करेगी|
2.2  परिवर्तित योजना को १३ अक्टूबर २०११ से लागु किया जायेगा|

3.  परिभाषाएं

इस योजना में जब तक की प्रसंग की आव्यश्कता अन्यथा है:
(ए)  अधिकृत समिति का अर्थ एक ऐसी समिति है जिसका गठन इस योजना के उद्देश्य के लिए हुआ है जिसमे सचिव (आर्थिक मामलों ), सचिव, योजना आयोग, सचिव (व्यय) तथा (वित्तीय क्षेत्र), सभापति के रूप में शामिल हैं और उनके अनुपस्थिति में विशिष्ट सचिव/अतिरिक्त सचिव (वित्तीय क्षेत्र) तथा विषय से लेन-देन करने वाले मंत्रालय के सचिव सभापति होते हैं|
(b)  आई.आई.ऍफ़.सी.एल का अर्थ भारतीय आधारभूत संरचना वित्त निगम लिमिटेड है(कंपनीज एक्ट, १९५६ के अंतर्गत निगमित एक निगम)|

(c)   मुख्य बैंक का अर्थ ऐसी बैंक/वित्तीय संस्थान (ऍफ़.आई) है जो परियोजना को वित्तपोषित कर रही है तथा अंतर-संस्थानीय समूह या बैंक/वित्तीय संस्थानों के समूहों द्वरा पदानुग्रिहित हैं बशर्ते आई.आई.ऍफ़.सी.एल का रिस्क एक्सपोजर एक परियोजना में मुख्या बैंक से कम है|
(d)  दीर्घ-कालीन ऋण का अर्थ परियोजना निगम को आई.आई.ऍफ़.सी.एल द्वारा प्रदान किया गया ऋण है जहाँ पुनर्भुतान की औसतन परिपक्वता १० साल से अधिक है (आई.आई.ऍफ़.सी.(यु.के) लिमिटेड की स्थिति में ८.५ साल)
(e)    निजी क्षेत्रीय निगम का अर्थ एक ऐसी निगम है जिसकी ५१% या अधिक स्वीकृत तथा paid-up हिस्से पर निजी संस्थानों का सर्वस्व और संचालन होता है|
(f)      परियोजना निगम का अर्थ एक ऐसी निगम है जो आधारभूत संरचना का परिचालन कर रही है जिसके लिए आई.आई.ऍफ़.सी.एल द्वारा सहायता दिया जाना है|
(g)     परियोजना काल का अर्थ पी.पी.पी परियोजना के लिए संविदा या रियायत समझौते की अवधि है|.

(h)    लोक निजी साझेदारी (पी.पी.पी) परियोजना का अर्थ एक ऐसी परियोजना है जो एक ओर तो सरकारी या विधिक संस्था के और दूसरी ओर एक निजी क्षेत्र निगम के बीच उपयोग मूल्य के भुगतान पर आधारभूत संरचना का कार्यान्वन करने के लिए  संविदा या रियायत समझौते पर आधारित है|
(i)     लोक क्षेत्रीय निगम का अर्थ एक ऐसी निगम है जिसकी ५१% या अधिक स्वीकृत तथा paid-up हिस्से पर संयुक्त या विभिन्न रूप से केंद्र या राज्य सरकार का सर्वस्व और संचालन होता है तथा उसमे ऐसी कोई भी पदानुग्रिहित undertaking होते हैं जैसे लोक उधोग विभाग और निगम जिसमे प्रमुख हिस्सा अन्य वित्तीय संस्थानों के बदले लोक क्षेत्रीय निगमों का होता है|
(j)    कुल परियोजना मूल्य का अर्थ परियोजना का कुल पूँजी मूल्य है जिसे इस शर्त पर मुख्य बैंक द्वारा स्वीकृत किया गया है की आई.आई.ऍफ़.सी.एल पी.पी.पी.ए.सी स्वीकृत मूल्य तथा मुख्य बैंक स्वीकृत मूल्य के बीच अधिकृत निगम या कोई अन्य संसाधन से गारन्टी लेकर उसमे निहित खतरे को ढक सके|

(k)     सहायक ऋण का अर्थ एक ऐसा ऋण है  जो प्रतिभूति में एक समान अधिकार वाले ऋण से निचले क्रम में है|


4.  आई.आई.ऍफ़.सी.एल के लिए वित्तपोषण के माध्यम

4.1  हिस्से के अलावा, आई.आई.ऍफ़.सी.एल को निम्नलिखित श्रोतों से दीर्घ-कालीन ऋण द्वारा वित्तपोषित किया जा सकता है|
•    इस उद्देश्य के लिए उपयुक्त साधनों द्वारा बाजार से उठाया गे रूपए ऋण, आई.आई.ऍफ़.सी.एल सामान्यतः ऐसी ऋण उठाती है जिसकी परिपक्वता अवधि १० साल या उससे अधिक है|
•    वर्ल्ड बैंक तथा एशियन डेवेलपमेंट बैंक जैसे द्विआयामी या बहुआयामी संस्थानों से कर्ज|
•    सरकार की स्वीकृति से शामिल बाह्य वाणिज्यिक ऋण के द्वारा विदेशी मुद्रा ऋण|
•    केवल संपत्ति-बाध्यता बेमेल के प्रबंधन के लिए बैंकों/वित्तीय संस्थानों द्वारा लघु-काल ऋण|
4.2 आई.आई.ऍफ़.सी.एल, वित्त सेवा विभाग से परामर्श ले कर, अपनी आवश्यकतानुसार कभी भी ऋण ले सकता है|  कोष लेने तथा उनके पुनर्भुगतान के बीच किसी असमानता से बचने के लिए, अतिरिक्त कोषों को विक्रेयता सरकारी सेक्योरीटीज में निवेश किया जायेगा|
4.3 आई.आई.ऍफ़.सी.एल के द्वारा लिए गए ऋण को भारत सरकार द्वारा आश्वासन दिया जा सकता है| प्रदत्त आश्वासन की सीमा प्रत्येक राजस्वा वर्ष के आरम्भ में, राजस्व उत्तर्दायित्व & आय-व्यय प्रबंधन एक्ट के अंतर्गत उपलब्ध सीमाओं के भीतर वित्त मंत्रालय द्वारा किया जाना चाहिए|
4.4 आई.आई.ऍफ़.सी.एल तथा आई.आई.ऍफ़.सी (यु.के) द्वारा देय आश्वासन शुल्क वित्त मंत्रालय द्वारा समय दर समय निश्चित किया जायेगा|
4.5 आश्वासन की शर्तों सहित आश्वासनों की सुविधाओं पर वित्त मंत्रालय द्वारा समय दर समय विचार किया जायेगा तथा इसका विस्तार विचार के परिणाम पर निर्भर करेगा|


5.  परियोजनाओं के लिए योग्यता कसौटी

5.1 आई.आई.ऍफ़.सी.एल केवल वाणिज्यिक रूप से सक्षम  परियोजनाओं को ही वित्तपोषित  करेगी| सक्षम  परियोजनाओं में ऐसी परियोजनाएं भी हो सकती हैं जो सरकारी योजना के अंतर्गत जीवन-क्षमता  अंतर वित्तपोषण को प्राप्त करने के बाद सक्षम  हो सकती हैं|
5.2  इस योजना के अंतर्गत वित्तपोषण के लिए, एक परियोजना को निम्नलिखित मानकों को पूरा करना होगा;
 

A. परियोजना का कार्यान्वन ( मतलब की परियोजना काल के लिए विकसित, वित्तपोषित तथा क्रियान्वित) निम्नलिखित द्वारा किया जायेगा:


•    एक लोक क्षेत्रीय निगम  
•     पी.पी.पी के अंतर्गत चयानित एक निजी क्षेत्रीय निगम; या
•    एक निजी क्षेत्रीय निगम
a)  दिया गया है की आई.आई.ऍफ़.सी.एल उन लोक निजी साझेदारी परियोजनाओं, जो प्रतिस्पर्धी नीलामी प्रक्रिया से चयनित निजी क्षेत्रीय निगमों के द्वारा लागू किये जाते हैं, को इस योजना के अंतर्गत ऋण प्रदान करने के लिए ओवरराइडिंग प्राथमिकता को स्वीकृति देगी|

b)  इसके अतिरिक्त प्रदान किया गया है की आई.आई.ऍफ़.सी.एल प्रत्यक्ष रूप से निजी निगमों द्वारा स्थापित की गयी परियोजनाओं को ऋण दे सकती है यदि वे निम्नलिखित परिस्थितियों को पूरा करती हैं:
•    आधारभूत संरचना के द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवा का नियमन, या स्थापित होने वाली परियोजना का एम्.ओ.यू समझौता केंद्र सरकार, किसी राज्य सरकार या एक पी.एस.यू के साथ हो|
•    आई.आई.ऍफ़.सी.एल के ऋणदान का काल, अधिकतम काल वाणिज्यिक ऋण से कम से कम दो साल से अधिक का होना चाहिए|
•    प्रत्यक्ष सहायता के साथ पुनर्राजस्व व्यापार, यदि कोई, ऋणी के इस वर्ग के हिसाब से (निजी क्षेत्र निगम का प्रतिस्पर्धी नीलामी विधि द्वारा चयनित नहीं होना) किसी लेखा वर्ष में कुल ऋण का २०%से अधिक नही होना चाहिए|
B. दिया गया है की रेलवे परियोजनाओं की स्थिति में जो की निजी क्षेत्रीय निगम द्वारा क्रियान्वन के लिए संशोधित नहीं है, अधिकृत समिति ऐसी निगमों के क्रियान्वन के सम्बन्ध में योग्यता मानदंड में ढील दे सकती है|
C.  परियोजना निम्नलिखित में से एक एक क्षेत्र से होनी चाहिए:
सड़कें तथा पुल, रेलवे, बंदरगाह, हवाईअड्डा, अंतर्देशीय जलमार्ग, तथा अन्य यातायात परियोजनाएं|
• बिजली
• शहरी यातायात, जल निरूपण, सफाई व्यवस्था, ठोस अवशेष प्रबंधन तथा शहरी क्षेत्रों में अन्य भौतिक आधारभूत संरचनाएं
• गैस पाइपलाइन
• विशिष्ट आर्थिक क्षेत्रों में आधारभूत परियोजनाएं|
• अंतर्राष्ट्रीय परंपरागत केंद्र तथा अन्य पर्यटन आधारभूत संरचनाएं
• कोल्ड स्टोरेज चेन
• गोदाम
• खाद निर्माण उधोग
दिया गया है की, अधिकृत समिति, वित्त मंत्री की स्वीकृति से, इस सूची से किसी क्षेत्र/उपक्षेत्र को शामिल कर सकती है या हटा सकती है|


5.3  केवल ऐसी परियोजनाएं, जो की प्रत्यक्ष रूप से ऋणी निगम द्वारा कार्यान्वित होती हैं, या आश्रित आधार पर एक विशिष्ट उद्देश्य साधन  द्वारा वित्तपोषण कर रही किसी एक बैंक के द्वारा व्यवस्थित एक escrow खाता, ही आई.आई.ऍफ़.सी.एल से वित्तपोषण के लिए योग्य होंगे| Only such projects, which are implemented by the borrower company directly, or through a special purpose साधन  on a non-recourse basis, and where an escrow account is maintained by any one of the banks financing the project, shall be eligible for financing by IIFCL.
5.4  आई.आई.ऍफ़.सी.एल के द्वारा किसी परियोजना की योग्यता के स्पष्टता के आवश्यकता की स्थिति में, उपयुक्त दिशा के लिए यह केस को अधिकृत समिति के पास भेज सकती है|


6.  मुख्य बैंक द्वारा आंकलन तथा देख-रेख

 

6.1 आई.आई.ऍफ़.सी.एल किसी परियोजना को ऋण दान मुख्य बैंक या प्रतिष्ठित आंकलन संस्थानों/बैंकों/अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के आंकलन के आधार पर करेगी| मुख्य बैंक के अलावा किसी और से आंकलन की स्थिति में, आई.आई.ऍफ़.सी.एल के द्वारा ऋण दान मुख्य बैंक के द्वारा ऋण की स्वीकृति तथा सहमती पर निर्भर करेगा|
ऐसे आंकलन के आधार पर, आई.आई.ऍफ़.सी.एल निचे दिए गए अनुच्छेद ७ में सूचित तत्वों के आधार पर वित्तपोषण को मान्यता देगा|
6.2  मुख्य बैंक सहमत लक्ष्य तथा सम्पादन स्तर के साथ परियोजना के आज्ञापालन के नियतकालिक आंकलन तथा नियमित देख-रेख के लिए जिम्मेवार होगी| इसे नियतकालिक रिपोर्ट को आई.आई.ऍफ़.सी.एल के द्वारा निर्दिष्ट प्रकार और समयानुसार भेजना चाहिए|


7.  वित्तपोषण के मार्ग

7.1  आई.आई.ऍफ़.सी.एल आधारभूत संरचना परियोजनाओं को निम्नलिखित माध्यमों के द्वारा वित्तपोषित कर सकती हैं|
•    दीर्घ-कालीन ऋण;
•    बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों को उनके द्वारा ऋण दान के लिए पुनर्भुगतान |
•    Takeout वित्तपोषण
•    अधीनस्थ ऋण
•    समय दर समय वित्त मंत्रालय द्वारा स्वीकृत कोई अन्य माध्यम|
7.2  आई.आई.ऍफ़.सी.एल के द्वारा किसी परियोजना को दिया गया ऋण कुल परियोजना मूल्य के २०% से अधिक नहीं होना चाहिए| takeout वित्तपोषण की स्थिति में, परियोजना को दिया गया प्रत्यक्ष ऋण परियोजना मूल्य के १०%से अधिक नहीं होना चाहिए और आई.आई.ऍफ़.सी.एल द्वारा takeout वित्तपोषण सहित दिया गया कुल ऋण कुल परियोजना मूल्य के ३०% से अधिक नहीं होना चाहिए| उपरोक्त उन्मुक्ति प्रयोज्य नियंत्रक नियम का विषय है|
7.3  आई.आई.ऍफ़.सी.एल के द्वारा लिया गया ब्याज दर बेस रेट प्लस के आधार पर ज्ञात किया जायेगा जो की कोष के औसतन मूल्य जिसमे प्रशासकीय मूल्य, कुल मूल्य पर औसत लाभ तथा गारन्टी शुल्क इत्यादि के आधार पर निकला जायेगा|
7.4  परियोजना संपत्ति का मूल्य परियोजना ऋण के समान होगा (अधीनस्थ ऋण को छोड़ कर) तथा परियोजना ऋण के समयकाल के बाद भी तब तक निरंतर रहेगा (अधीनस्थ ऋण को छोड़ कर) जब तक की ब्याज और अन्य शुल्कों के साथ आई.आई.ऍफ़.सी.एल के द्वारा दिए गए ऋण चुकाए ना गए हों|
अधीनस्थ ऋण
7.5  दिया गया है की निम्नलिखित परिस्थितियों में अधीनस्थ ऋण प्रदान कर सकता है:
•    परियोजना पर खुले प्रतिस्पर्धी नीलामी द्वारा निर्णय लिया गे है;
•    इसे पी.पी.पी परियोजनाओं के सूत्रीकरण, आंकलन तथा स्वीकृति या आधारभूत संरचना में पी.पी.पी के वित्तीय समर्थन के मार्गदर्शन के अंतर्गत अधिकृत संस्थान के अंतर्गत पी.पी.पी.ए.सी ( लोक-निजी-साझेदारी स्वीकृति समिति) से स्वीकृति मिलनी चाहिए;
•    रियायत समझौता को एक escrow खाता प्रदान करना चाहिए जो की एकुइटी पर लाभ के पुनर्भुगतान से पहले अधीनस्थ ऋण के वार्षिक पुनर्भुगतान को सुरक्षित करेगा|
•    रियायत समझौते के समाप्ति की स्थिति में, रियायत प्राधिकारी समाप्ति भुगतान के सम्बन्ध में  कम से कम In case of termination of concession agreement, the concessioning authority will pay in terms of termination payment at least 80% of the subordinate debt on account of a concessionaire default or Concessioning Authority default, during operation period of the concession in the escrow account as mentioned in the Model Concession Agreement (MCA).  Where MCA is not available, a similar provision should be incorporated.
•    अधीनस्थ ऋण कुल परियोजना मूल्य के १०% से अधिक नहीं होना चाहिए तथा एस.आई.ऍफ़.टी.आई के अनुच्छेद ७.२ में निर्दिष्ट नियमानुसार २०% की उच्चतम सीमा का भाग होना चाहिए; तथा
•    किसी एक या सभी श्रोतों से परियोजना निगम द्वारा लिया जाने वाला अधीनस्थ ऋण उसके देय या स्वीकृत हिस्से के आधे से अधिक नहीं होना चाहिए|
•    अधीनाष्ठ ऋण देयकर्ताओं का, दोनों वर्तमान तथा भविष्य में, ऋण समझौते में उल्लेखित अधीनस्थ ऋण को सुरक्षित करने के लिए, सभी संपत्तियों पर दूसरा अधिकार होगा | अधीनस्थ ऋण को सुरक्षित करने का कथित दूसरा अधिकार सभी ऋण देयाकर्ताओं को उनके अधीनस्थ ऋण के लिए समान अधिकार देता है| उपरोक्त उल्लेखित अधीनस्थ ऋण देयाकर्ताओं का दूसरा अधिकार वरिष्ठ ऋणों के लिए वरिष्ठ देयकर्ताओं के पहले समान अधिकार के अधीनस्थ होगा; तथा
•    अधीनस्थ ऋण को एकुइटी में नहीं बदला जा सकता है|


8.  पी.पी.पी परियोजनाओं में ऋणदान

8.1  पी.पी.पी परियोजनाओं के सम्बन्ध में, निजी क्षेत्रीय निगम को पारदर्शी तथा खुले प्रतिस्पर्धी नीलामी प्रक्रिया से चुना जाना चाहिए|
8.2  ऐसी पी.पी.पी परियोजनाएं जो मानक/आदर्श दस्तावेजों पर आधारित हैं तथा अपने सरकार द्वारा उचित रूप से स्वीकृत हैं, वे अधिमान्य होंगे| इकलौते दस्तावेजों को आई.आई.ऍफ़.सी.एल द्वारा विस्तृत जांच का विषय बनाया जा सकता है|
8.3  खुले प्रतिस्पर्धी नीलामी के द्वारा प्रस्ताव का आमंत्रण देने से पूर्व, सम्बंधित सरकार या वैधानिक संस्था योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता देने के लिए आई.आई.ऍफ़.सी.एल की मूलभूत स्वीकृति की खज करकर सकती है| आई.आई.ऍफ़.सी.एल द्वारा पूर्व-नीलामी चरण पर दिए गए किसी संकेत को अंतिम वचनबद्धता नहीं मन जा सकता है| आई.आई.ऍफ़.सी.एल द्वारा वास्तविक ऋणदान परियोजना के वित्तीय समाप्ति के पहले मुख्य बैंक द्वारा संचालित आंकलन से अधिशासित होगा|


9.  योजना पर पुनर्विचार

9.1  योजना पर आवश्यकता की स्थिति में वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग द्वारा पुनर्विचार किया जा सकता है|
9.2  आई.आई.ऍफ़.सी.एल्क का संचालन भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा किया जायेगा|
9.3  अधिकृत समिति के स्तर पर एस.आई.ऍफ़.टी.आई में किया गया परिवर्तन वित्त मंत्री की स्वीकृति का विषय है|.

भारतीय आधारभूत संरचना वित्त निगम लिमिटेड


भारतीय आधारभूत संरचना वित्त निगम लिमिटेड

सक्षम  आधारभूत परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए Takeout वित्तीय योजना

प्रस्तावना

वेश २००९-१० के केंद्रीय बजट भाषण में, माननीय केन्द्रीय वित्त मंत्री ने कहा ”आधारभूत संरचना में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए, हमने भारतीय आधारभूत संरचना वित्त निगम लिमिटेड (आई.आई.ऍफ़.सी.एल) की स्थापना विशिष्ट उद्देश्य माध्यम के रूप में आधारभूत संरचना परियोजनाओं को दीर्घ-कालीन वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए की है| हम यह सुनिश्चित करेंगे की आई.आई.ऍफ़.सी.एल को अपने आदेश का जोर-शोर से पालन करने के लिए अधिकतम लचीलापन दिया जाये| आधारभूत संरचना परियोजनाओं को दीर्घ-कालीन कोष देने के लिए  Takeout वित्तपोषण एक स्वीकृत अंतर्राष्ट्रीय चलन है| इसका उपयोग आधारभूत संरचना परियोजनाओं के वित्तपोषण से उद्गमित हो रहे वाणिज्यिक बैंकों के  सम्पत्ति-बाध्यता बेमेल को प्रभावपूर्ण रूप से हल करने में किया जा सकता है तथा नै परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए पूँजी को मुक्त रखने में भी किया जा सकता है| आई.आई.ऍफ़.सी.एल,  बैंकों से सलाह कर के, takeout वित्तीय योजना का विकास करेगी, जो की आधारभूत संरचना क्षेत्र में ऋण दान को सुगम बना सकता है”| एक नियमित कार्य के रूप में, आई.ई.ऍफ़.सी.एल ने मुख्य हिस्सेदारों के साथ एक सलाहकारी प्रक्रिया आरम्भ की तथा ‘takeout वित्तीय योजना’ का सूत्रीकरण किया|  अधिकृत समिति ने, दिसंबर १, २०१११ को हुए पन्द्रहवें सम्मलेन में takeout वित्तीय योजना के निश्चित पहलुओं का नवीनीकरण किया| नवीनीकृत takeout वित्तीय योजना निम्नलिखित विस्तृत है|
 लघु शीर्षक तथा विस्तार
2.1.  योजना को सक्षम  अआधारभूत संरचना के वित्तपोषण के लिए takeout वित्तीय योजना कहा जायेगा|

2.2.  takeout वित्तीय योजना १६ अप्रैल, २०१० को लागू किया गया|

takeout वित्तीय योजना के उद्देश्य

3.1.  आधारभूत स्नाराचना परियोजनाओं के दीर्घ कालीन ऋण वित्तपोषण की उपलब्धता को बढ़ावा देना|
3.2. क्षेत्रीय/सामूहिक/संस्थानिक अरक्षित मुद्दों को हल करना है तथा उन ऋण देयकर्ताओं के सम्पत्ति-बाध्यता बेमेल मुद्दों को सुलझाना है|
3.3.  नए संस्थानों जैसे माध्यम/लघु आकार बैंक, बिमा निगम तथा पेंशन कोष के भागीदारी को सुगम बनाते हुए आधारभूत संरचना परियोजनाओं के वित्तपोषण के श्रोतों का विस्तार करना|
परिभाषाएं


इस योजना में जब तक की प्रसंग की अन्यथा आवश्यकता है:
•    Borrower का अर्थ ऐसी वैधानिक संस्था है जो आधारभूत संरचना परियोजना का कार्यान्वन कर रही है जिसके लिए Takeout वित्तीय योजना के अंतर्गत आई.आई.ऍफ़.सी.एल द्वारा सहायता प्रदान किया जाना है|
•    सामान्य ऋण समझौता का अर्थ lender तथा borrower के बीच हस्ताक्षर किया गया समझौता है|
•    प्रभावपूर्ण तिथि का अर्थ १६ अप्रैल, २०१० है|
•    आई.आई.ऍफ़.सी.एल का अर्थ भारतीय आधारभूत संरचना वित्त निगम लिमिटेड (निगम धरा, १९५६ के अंतर्गत स्थापित एक निगम) |
•    Lenders का अर्थ कोई भी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक है, या बीमा निगम को छोड़कर कोई अन्य भाग ले रहे संस्थान, जिन्होंने सामान्य ऋण समझौते के अंतर्गत borrower को ऋण प्रदान किया है| दुविधा की स्थिति को हटाने के लिए, borrower या संस्थापक के सभासद को किसी ऋण वित्तपोषण के परिणामस्वरूप ऐसे संस्थापक और/या उनके किसी सभासद के borrower या lender|
•    परियोजना काल का अर्थ एक आधारभूत संरचना परियोजना के लिए परियोजना समझौता या रियायत समझौता का समयकाल होता है|
•    Takeout के होने की अनुसूचित तिथि का अर्थ ऐसी तिथि है जिस में takeout takeout समझौते के सम्बन्ध में घटित होने के लिए अनुसूचित है|.
•    एस.आई.ऍफ़.टी.आई कण अर्थ सक्षम  आधारभूत संरचना परियोजनाओं को भारतीय आधारभूत संरचना परियोजनाएं निगम लिमिटेड (आई.आई.ऍफ़.सी.एल) नामक एक विशिष्ट उद्देश्य माध्यम के द्वारा वित्तपोषण तथा संचालन करना है|
•    Takeout समझौता / समझौता का अर्थ आई.आई.ऍफ़.सी.एल द्वारा किया गया समझौता है, सद्रिशिकृत Lender(s) तथा Borrower, takeout वित्तीय योजना के अधिनियमों के कार्य-पालक|
•    Takeout मूल्य का अर्थ आई.आई.ऍफ़.सी.एल द्वारा सहमत takeout के घटित होने की अनुसूचित तारीख में शेष ऋण का कुल मूल्य, कार्यपालक के takeout समझौते के अनुसार|
•    इस takeout परियोजना में, जब तक की प्रसंग की आवश्यकता अन्यथा नहीं है, वे सभी प्रायोगिक तथा अपरिभाषित पूंजीवादी शब्द का अर्थ एस.आई.ऍफ़.टी.आई के अंतर्गत उन्हें दिया गया अर्थ है|


योग्यता


5.1.  योजना को lenders तक विस्तृत किया जायेगा तथा आई.आई.ऍफ़.सी.एल द्वारा प्रस्ताव को या तो बोर्रोवेर नहीं तो लेंडर से स्वीकृत किया जायेगा|
5.2.   योजना के योग्य होने के लिए, आधारभूत संरचना परियोजनाओं को निम्नलिखित परिस्थितियों को संतुष्ट करना होगा::
1.  आधारभूत संरचना परियोजनाओं को एस.आई.ऍफ़.टी.आई के खंड ५.२ (सी) में परिभाषित तत्वों में से होना चाहिए, जिसका विवरण नीचे दिया गया है :
“परियोजना को निम्नलिखित में से एक क्षेत्र में से होना चाहिए:
•    सड़कें तथा पुल, रेलवे, बंदरगाह, हवाईअड्डा, अंतर्देशीय जलमार्ग, तथा अन्य यातायात परियोजनाएं|
•    • बिजली
•    • शहरी यातायात, जल निरूपण, सफाई व्यवस्था, ठोस अवशेष प्रबंधन तथा शहरी क्षेत्रों में अन्य भौतिक आधारभूत संरचनाएं
•    • गैस पाइपलाइन
•    • विशिष्ट आर्थिक क्षेत्रों में आधारभूत परियोजनाएं|
•    • अंतर्राष्ट्रीय परंपरागत केंद्र तथा अन्य पर्यटन आधारभूत संरचनाएं
•    • कोल्ड स्टोरेज चेन
•    • गोदाम
•    • खाद निर्माण उधोग

उपरोक्त क्षेत्रों की सूची एस.आई.ऍफ़.टी.आई तथा उसके आगामी नवीनीकरण, यदि कोई, में धारा ५.२(सी) के अनुरूप होना चाहिए|
2.  ऐसी आधारभूत संरचनाएं जिन्होंने वित्तीय समापन को प्राप्त कर लिया है तथा जिनके पास कम से कम ६ वर्षो का शेष ऋण काल है|
 takeout वित्तपोषण की सीमा


6.1.  आई.आई.ऍफ़.सी.एल व्यक्तिगत lenders को takeout  के घटित होने की अनुसूचित तारीख में ऋण के शेष मूल्य के १००% तक takeout वित्तपोषण प्रदान कर सकती है| मुख्य बैंक की स्थिति में, आई.आई.ऍफ़.सी.एल ऋण के शेष मूल्य का ७५% तक का takeout वित्तपोषण प्रदान करेगी| हालाँकि, कुल takeout मूल्य takeout के घटित होने की अनुसूचित तिथि पर आधारभूत संरचना परियोजनाओं के शेष ऋण का कुल ५०% से अधिक नहीं होना चाहिए|

Takeout समझौता तथा उसका समयकाल

7.1.  आई.आई.ऍफ़.सी.एल, सिद्ध lender तथा borrower को एक त्रिकोणीय समझौता करना चाहिए, मतलब की, Takeout वित्तीय योजना के कार्य-पालन के लिए Takeout समझौता|
7.2.  उन परियोजनाओं के लिए जहाँ वित्तीय समापन प्राप्त किया जाना है, आई.आई.ऍफ़.सी.एल परियोजना के वित्तीय समापन के समय Takeout समझौता करेगी| उस समझौते पर परियोजना के सामान्य ऋण समझौते के साथ हस्ताक्षर किया जायेगा|
7.3.  परियोजनाएं जिनमे वित्तीय समापन प्राप्त कर लिया गया है तथा जिनका शेष ऋण काल कम से कम ६ वर्ष का है, आई.आई.ऍफ़.सी.एल कार्यकर तिथि या उसके बाद एक takeout समझौता करेगी यदि कोई सम्बंधित borrower या lender आई.आई.ऍफ़.सी.एल को सम्पर्क करता है|
Takeout वित्तपोषण का समयकाल

8.1.  Takeout मूल्य का भुगतान प्रायः वास्तविक वाणिज्यिक क्रियान्वन तिथि(सी.ओ.डी) के एक साल के बाद होता है केवल पी.पी.पी सड़क परियोजनाओं (वार्षिक अनुदान आधार) तथा अधिकृत समिति द्वारा स्वीकृत ऐसे अन्य क्षेत्र को छोड़कर, जहाँ takeout सी.ओ.डी के बाद शीघ्र होता है| हालाँकि, सभी स्थितियों में राजस्व बहाव को भुगतान के पहले निर्धारित कर लेना चाहिए|


8.2.  आई.आई.ऍफ़.सी.एल के साथ Takeout मूल्य का समयकाल आई.आई.ऍफ़.सी.एल के औसतन borrowing से कम से कम एक वर्ष कम होंना चाहिए या परियोजना काल के अंत के कम से कम एक वर्ष पहले होना चाहिए, दोनों में से जो पूर्व हो| यह लिए गए ऋण के अंतिम भुगतान तक मुख्य बैंक संस्थान द्वारा कम से कम १०% उन्मुक्ति का धारण करने का विषय है|
ब्याज दर


9.1.  takeout के घटित होने की अनुसूचित तिथि पर आई.आई.ऍफ़.सी.एल द्वारा लिए गए ऋण का ब्याज दर सी.ओ.डी के बाद दो प्रतिष्ठित रेटिंग एजेंसियों द्वारा दी गई क्रेडिट रिस्क रेटिंग के आधार का विषय है तथा बेस रेट प्लस रिस्क प्रिमिअमं के द्वारा परावर्तित होता है| इसके लिए विस्तृत दिशानिर्देश इस दस्तावेज के Annexure I में दिए गए हैं|
Takeout शुल्क

 
10.1.  borrower जो takeout वित्तीय योजना के अंतर्गत आई.आई.ऍफ़.सी.एल takeout सहायता लेता है, उसे आई.आई.ऍफ़.सी.एल को takeout शुल्क देना होगा जो ३०% है ( लिए गए ऋण के मूल्य में ब्याज दर का अंतर) और जो आई.आई.ऍफ़.सी.एल द्वारा lender को दे दिया जाता है|


आंकलन, देख-रेख तथा वसूली


11.1.  Takeout समझौते पर आई.आई.ऍफ़.सी.एल द्वारा हस्ताक्षर किया जायेगा, इस शर्त पर की प्रतिष्ठित आंकलन संस्थान किये गए आंकलन से संतुष्ट हैं तथा उसे मुख्य बैंक द्वारा स्वीकृत किया जायेगा और अपनाया जायेगा तथा यह स्वयं पावना परिश्रम प्रक्रिया का विषय होगा|

11.2.  आई.आई.ऍफ़.सी.एल सहमत लक्ष्य तथा प्रदर्शन स्तरों के साथ परियोजना के आज्ञापालन के नियतकालिक आंकलन की देख-रेख करेगा|

11.3.  मुख्य बैंक/ सम्बंधित lender के साथ आई.आई.ऍफ़.सी.एल सहमत लक्ष्य तथा प्रदर्शन स्तरों के साथ परियोजना के आज्ञापालन के नियतकालिक आंकलन के लिए उत्तरदायी होगा| मुख्य बैंक/lender ऐसे रूप में तथा ऐसे समय में नियतकालिक प्रगति रिपोर्ट भेजेगी, जैसा की आई.आई.ऍफ़.सी.एल द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है|


Takeout वित्तीय योजना की अन्य विशेषताएं

आधारभूत संरचनाओं को takeout वित्तीय योजना के योग्य होने के लिए परन्तु अभी भी
ऐसी आधारभूत संरचना परियोजनाएं जिन्हें Takeout वित्तपोषण योजना के लिए योग्य होना है परन्तु कार्यसाधक तिथि के अनुसार वित्तीय समापन प्राप्त नहीं कर पाई है, आई.आई.ऍफ़.सी.एल lender के साथ एस.आई.ऍफ़.टी.आई के अंतर्गत निश्चित प्रत्यक्ष उन्मुक्ति ले सकती है|

•    Takeout वित्तपोषण की स्थिति में, प्रायोगिक वैधानिक मान के विषय के अनुसार, आई.आई.ऍफ़.सी.एल का प्रत्यक्ष lending सहित कुल अरक्षण कुल परियोजना लागत के ३०% से अधिक नहीं होनी चाहिए|

•    Takeout समझौते में प्रवेश के पश्चात, borrower द्वारा की गई बेईमानी या जालसाजी यदि आई.आई.ऍफ़.सी.एल की जानकारी में आती है, तब Takeout समझौते को खारिज कर दिया जायेगा|

•    Takeout  के घटित होने के अनुसूचित तिथि में, Takeout का संचालन केवल उन्ही ऋणों के सम्बन्ध में किया जायेगा जो Takeout समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले lender की किताब में मानक सम्पत्ति के रूप में वर्गीकृत हैं|

•    Takeout  के घटित होने के अनुसूचित तिथि पर, Takeout का संचालन तभी किया जायेगा जब परियोजना का कर्ज अभिसरित सेवा अनुपात lender की स्थिति के समान होगा तथा किसी स्थति में १.० से कम नहीं होगा|

•    Takeout वित्तीय योजना के प्रावधानों का विषय होने पर, Takeout के घटित होने के समय, यह lender तथा आई.आई.ऍफ़.सी.एल की जिम्मेदारी होगी, जो Takeout समझौते में आयें हैं, बिना किसी विरोध, लड़ाई या हिचक के Takeout को आगे बढ़ाएं|

•    Takeout  के घटित होने के पूर्व या बाद किसी भी समय, सामान्य ऋण समझौते तथा Takeout समझौते से सम्बंधित प्रावधानों के अनुसार borrower के पास ऋण को पूर्व में चूका देने का विकल्प है|

•    Takeout समझौते में प्रवेश के बाद परन्तु ऋण लेने के पहले, यदि lender ऋण के शर्तों में बदलाव का प्रस्ताव रखता है, मतलब की, ऋण का पुनर्निर्माण या सम्बंधित तत्व, आई.आई.ऍफ़.सी.एल को सम्बंधित गोष्ठी में भाग लेने का न्योता दिया जायेगा जो की इंटर-क्रेडीटर समझौते से निष्पादित हो सकता है तथा आई.आई.ऍफ़.सी.एल की मतों पर takeout समझौते के मूल तत्व को ध्यान में रखते हुए lenders द्वारा विचार किया जायेगा| यदि आई.आई.ऍफ़.सी.एल ऋणों के पुनर्निर्माण से सहमत नहीं है, तो उसके पास takeout समझौते से बहार निकलने का विकल्प है|

•    ऋणों के लिए जाने के बाद, आई.आई.ऍफ़.सी.एल इंटर-क्रेडिटर समझौते का एक दल बन जायेगा|

•    आई.आई.ऍफ़.सी.एल  के पास ऋणों के पुनर्निर्माण का विकल्प होगा जिससे परियोजना मूलभूत वास्तविकता तथा धन बहाव में सुगमता आए|  ऐसे पुनर्निर्मानों में परियोजना धन बहाव से यदि अनुमति मिलती है तो ऋण वित्तपोषण की सीमा में विस्तार किया जा सकता है| हालाँकि, ऐसे विकल्प केवल इंटर-क्रेडिटर समझौते के प्रावधानों के मेल से लागू किये जा सकते हैं|

•    परियोजना में किसी लागत अभाव को कोष देने के लिए ऋण के किसी मूल्य का जमा करना केवल lender  की सहमति पर निर्भर करता है|

•    एक बार takeout यदि takeout समझौते का प्रभावपूर्ण निष्पादक हो जाता है, तो आई.आई.ऍफ़.सी.एल का परियोजना संपत्ति तथा धन बहाव में सुरक्षा रुचि lender द्वारा विस्तृत किये गए वरिष्ठ ऋण के वर्ग के समान होगा|

•    स्टाम्प कर सहित सभी कानूनी मूल्य borrower द्वारा देय होंगे जिन्होंने takeout वित्तीय योजना प्राप्त की है|
एन्नेक्सर I
Takeout के घटित होने के अनुसूचित तिथि पर आई.आई.ऍफ़.सी.एल के द्वारा लिए गए ऋण के ब्याज दर, परियोजना के संशोधित रिस्क प्रोफाइल पर आधारित कटौती का विषय हो सकता है जैसा की एक आर.बी.आई द्वारा निम्लिखित विस्तृत वैद्य क्रेडिट रेटिंग एजेंसी के क्रेडिट रेटिंग में सूचित है:


एन्नेक्सर I

Takeout के घटित होने के अनुसूचित तिथि पर आई.आई.ऍफ़.सी.एल के द्वारा लिए गए ऋण के ब्याज दर, परियोजना के संशोधित रिस्क प्रोफाइल पर आधारित कटौती का विषय हो सकता है जैसा की एक आर.बी.आई द्वारा निम्लिखित विस्तृत वैद्य क्रेडिट रेटिंग एजेंसी के क्रेडिट रेटिंग में सूचित है: