पुनर्भुगतान योजना

आवेदन पत्र-पुनर्भुगतान योजना (99.50 के.बी)

रु 100 के गैर-न्यायिक कागज़ पर


आधारभूत संरचना को दिए गए ऋण के सम्बन्ध में भारत संरचना वित्त कंपनी लिमिटेड आईआईएफ़सीएल से पुनर्भुगतान प्राप्त करने के लिए सामान्य समझौता पत्र

सहमती ज्ञापन पत्र निर्माण स्थान ____________________ यह ________20_____के ________दिनांक को एक भाग के लिए (देनदार बैंक का नाम-(संलग्नक  “ए” के अनुसार)) __________________________________, जिसका पंजीकृत/मुख्य/प्रधान कार्यालय __________________________________________(यहाँ से आगे “बैंक” उल्लेखित किया गया है) पर है, तथा दुसरे भाग के लिए भारत आधारभूत संरचना वित्त निगम कंपनी लिमिटेड, एक निगम जो की निगम धारा, 1956 के अंतर्गत स्थापित हुई है, जिसका पंजीकृत कार्यालय 1201-1207, “नौरंग हाउस”, 21, कस्तूरबा गाँधी मार्ग, नई दिल्ली-110001(यहाँ से आगे “आईआईएफ़सीएल” उल्लेखित किया गया है), के बीच है|

 जहाँ की

1. बैंक अपने संघटकों को उनके द्वारा स्थापित/स्थापित किए जाने वाले आधारभूत संरचना परियोजनाओं को ऋण तथा अग्रिम देने को इच्छुक है और सड़क तथा बंदरगाह जैसे आधारभूत संरचना परियोजनाओं के क्षेत्रों में ऋण तथा पेशगी के पुनर्भुगतान के लिए समय दर समय, आईआईएफ़सीएल और बैंक के बीच शर्तों तथा स्थितियों की सहमती में आईआईएफ़सीएल को अर्जी देने की इच्छुक है|

2.  बैंक ने  आईआईएफ़सीएल से शर्तों तथा स्थितियों पर पारस्परिक सहमति से आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए ऐसे ऋण तथा पेशगी के पुनर्भुगतान आग्रह किया है|

3.   आईआईएफ़सीएल ऐसे ऋणों तथा पेशगीयों के सम्बन्ध में आधारभूत संरचना परियोजनाओं को यहाँ से आगे प्रस्तुत हो रहे शर्तों तथा परिस्थितियों पर पुनर्भुगतान प्रदान करने के लिए सहमत हुई है|

अब इसके द्वारा इस विषय पर दलों के बीच सहमति निम्नलिखित है:

1.  आईआईएफ़सीएल अपने निरपेक्ष निर्णय परन्तु अपने भाग पर हो सकने वाले अनुग्रह के बिना, बैंक के द्वारा ऋणों तथा पेशगियों के सम्बन्ध में बैंक को चाहे इस समझौते की तिथि के पूर्व या बाद में पुनर्भुगतान की स्वीकृति दे सकती है, जैसा उपरोक्त उल्लेखित है, उनके आधारभूत संरचना परियोजनाओं (यहाँ से आगे “कथित ऋण” उल्लेखित किया गया है) के उद्देश्य के लिए इस विस्तार तक तथा ऐसे शर्तों तथा परिस्थितियों पर जो आईआईएफ़सीएल समय दर समय निश्चित कर सकती है|

2.  आईआईएफ़सीएल के द्वारा स्वीकृत पुनर्भुगतान कथित ऋणों के सम्बन्ध में प्रत्येक कथित ऋणों (यहाँ से आगे “कथित स्वीकृति पत्र” कहा जाएगा) के विषय में आईआईएफ़सीएल के स्वीकृति पत्र में जहाँ कहीं भी अनुबंधित भुगतान सूची के अनुसार की जाएगी| पुनर्भुगतान को, स्थति अनुसार, भुगतान के लिए बैंक के द्वारा सूचित आग्रह पत्र में भुगतान सूची के अनुसार या एक आगामी पत्र में जो आईआईएफ़सीएल द्वारा स्वीकृत हो या आईआईएफ़सीएल के द्वारा स्वयं के निरपेक्ष निर्णय में अनुबंधित हो, किया जा सकता है| कथित भुगतान तथा पुनर्भुगतान सूची परस्पर समझौते से रूपांतरित भी किया जा सकता है|

i) कथित पुनर्भुगतान के अनुमति तिथि पर प्रचलित पुनर्भुगतान के लिए पुनर्भुगतान आईआईएफ़सीएल के उधार दर पर ब्याज देगा| ब्याज प्रत्येक माह की अंतिम तिथि को देय होगा| आईआईएफ़सीएल के पास ब्याज के भुगतान के लिए, स्वयं निर्णयानुसार, समय दर समय नियत्कालिकता तथा तिथि में बदलाव का अधिकार रखती है|

ii) यद्यपि पूर्ववर्ती, बैंक आईआईएफ़सीएल को ब्याज ऐसे अन्य दरों पर चुकाएगी, जो समय दर समय, आई.आई.ऍफ़.सी.एल के द्वारा निश्चित की जाएगी तथा बैंक को सूचना दी जाएगी परन्तु इस प्रकार से की दर, किसी भी समय बैंकों के द्वारा प्रदान किये गए कालिक ऋणों के दर से अधिक नही हो|

3.   दिया गया है की ब्याज दर के बढ़ने की स्थिति में:

 

  • बैंक के पास ऐसी सूचना प्राप्त करने पर पुनर्भुगतान की शेष राशि सहित उस पर सभी शेष ब्याज को अतिशीघ्र आईआईएफ़सीएल को पूर्व भुगतान करने का विकल्प होगा तथा
  •   विकल्प में, ऐसी सूचना प्राप्ति के बाद दो सालों तक किसी समय, सूचना अनुसार अधिक ब्याज पर, भुगतान तक, बैंक के पास ऐसे पूर्व भुगतान को ब्याज के साथ करने का विकल्प है|


4.  बैंक यह जिम्मेदारी लेती है:-

  • की आईआईएफ़सीएल की लिखित अनुमति के बिना, यह, इस समझौते के चलन के दौरान, आईआईएफ़सीएल के द्वारा पुनर्भुगतान किये कथित ऋणों पर प्रभावी ब्याज दर को नही बढ़ाएगी|
  • की जहाँ पुनर्भुगतान या उसके भाग को पुनर्भुगतान के लिए आईआईएफ़सीएल के ब्याज दर से रियायती दर पर लिया गया है, इसे सम्बंधित संघटक को, कथित ऋण या उसके भाग पर, पुनर्भुगतान स्वीकृत होने के समय आईआईएफ़सीएल के द्वारा उल्लेखित दरों से अधिक नही लेना चाहिए|;
  • की अपने संघटकों से कथित ऋण या उसके भाग के सम्बन्ध में शुल्क लेने की परिस्थिति में, पुनर्भुगतान की स्वीकृति के समय आई.आई.ऍफ़.सी.एल के द्वारा उल्लेखित कथित ब्याज दर से अधिक लेने पर, वह आईआईएफ़सीएल को सभी ऐसे परिस्थितियों में कथित पुनर्भुगतान की स्वीकृति नामक चिठ्ठी में आईआईएफ़सीएल के द्वारा निर्दिष्ट उच्चतम ब्याज दर और बैंक के द्वारा लिए गए ब्याज दर का अंतर लौटाएगी| 
  • इसके अतिरिक्त यह परस्पर सहमती होती है की उपरोक्त दिए गए (बी) तथा (सी) पर प्रावधान प्रयोज्य नही होंगे जब ऐसे अतिरिक्त ब्याज मूलधन के ब्याज/किश्तों पर दंडनीय ब्याज तथा या भुगतान/पुनर्भुगतान के रूप मेंया अन्य शेष मूल्य और लेनदार आधार्भोत संरचना परियोजनाओं के द्वारा देय जब दिया गया हो की बैंक आईआईएफ़सीएल को सम्बंधित पुनर्भुगतान किश्तों को देय तिथि को लौटा देती है   बैंक के द्वारा लिए जायेंगे.

 5.  कथित ऋणों के सम्बन्ध में पुनर्भुगतान के लिए प्रयोज्य शर्तों (जिसमे से प्रत्येक अर्जी को अभी के बाद “बैंक अर्जी” सूचित किया जायेगा) को स्थापित इस समझौते का आधार तथा इसके अधीन प्रदान किया गया पुनर्भुगतान द्वारा घोषित किया जायेगा|

6.  बैंक यह जिम्मेदारी लेती है की, आईआईएफ़सीएल की लिखित सूचना को छोड़ कर, कथित ऋणों के पुनर्भुगतान में घटक के द्वारा प्राप्त किया गया सभी मूल्य अतिशीघ्र सम्बंधित पुनर्भुगतान के पुनर्भुगतान के लिए प्रयोज्य होगा, और ऐसी अर्जी बकाया रहने पर, आईआईएफ़सीएल की ओर से बैंक द्वारा संचालित होगा|

7.  बैंक की अर्जी ( जिसमे संपत्ति; जहाँ पर ऋण पत्र दस्तावेजों में विवरण दिए गए हैं) में उल्लेखित ऋण पत्रों को बैंक पुनर्भुगतान के ऋण पत्र की तरह अपने पास रखेगी| बैंक यह घोषणा करती है की उसके द्वारा प्राप्त ऋण पत्र दस्तावेज में कथित ऋणों के मांगे जाने पर पुनर्भुगतान प्रावधान नही होगा केवल कुछ परिस्थितियो को छोड़ कर जब लेनदार इकाइयों ने कथित ऋण या उसके पुनर्भुगतान में गड़बड़ी की है या देय तिथि को पार किया है या समझौते को तोडा है|

8.  बैंक यह सहमति देती है तथा जिम्मेदारी उठाती है की यदि या जब कभी वह यह अनुभव करती है की कथित ऋण पत्र (संपत्ति सहित) उपरोक्त खंड से सम्बंधित या वहां कोई भाग, वह आईआईएफ़सीएल को ऐसे नगद सम्बन्धी या उसका भाग|


9.  बैंक इस बात से सहमत है की :-

  • बैंक को संघटकों के किसी भी खाते में निर्धारित ऋण के साथ कोई विरोधी या संभावित खतरे में डालने वाली गतिविधियों को आज्ञा
  • संघटकों के विषयों को नियतकालिक रूप से सर्वेक्षण करना तथा, प्रतिवर्ष, ऐसे सर्वेक्षणों की रिपोर्ट  आईआईएफ़सीएल को आवश्यकतानुसार सौंपना, जिससे की विषयों द्वारा प्रगति तथा संघटकों को प्रदान किये गए ऋणों का उनके सही उद्देश्य के लिए उपयोग को सूचित करता सूचना मिलती है;
  • आईआईएफ़सीएल को ऐसी सभही सूचनाएँ सौंपना जिसकी आईआईएफ़सीएलको समय दर समय संघटकों से सम्बंधित या स्वयं बैंक के बारे में आवश्यकता होती है, विशिष्ट रूप से तब जब उसके/उनके द्वारा किसी बैंक के साथ चालू खाते से हो;
  • आईआईएफ़सीएल को कथित ऋणों की सुरक्षा के रूप में उसके द्वारा प्राप्त सभी जमानती दस्तावेज के प्रतिलिपियों को आईआईएफ़सीएल द्वारा जब कभी मांगे जाने पर सौंपा जायेगा;
  • आईआईएफ़सीएल को अपनी लेखा-किताब में पुनर्भू किये गए ऋण के निरिक्षण करने का अधिकार है;

10. यद्यपि बैंक इस बात से सहमत है की इस समझौते में शामिल कुछ के लिए भी, आईआईएफ़सीएल को अधिकार है की वह लिखित रूप में सूचित करे की आईआईएफ़सीएल के द्वारा कथित किसी ऋणों के सम्बन्ध में, चाहे देय या नहीं, निम्नलिखित में से किसी घटना के घटित होने पर, आईआईएफ़सीएल के प्रति अपने जिम्मेदारियों का पूर्ण या आंशिक रूप से निर्वहन करे, जैसे

 

  • इस समझौते से सम्बंधित भुगतान या पुनर्भुगतान में बैंक के द्वारा या बैंक तथा आईआईएफ़सीएल के बीच किसी अन्य समझौते हुई त्रुटी
  • इस समझौते के प्रदर्शन या निरीक्षण तथा/या बैंक के अर्जी तथा/या पुनर्भुगतान योजना के प्रावधानों तथा/या समय दर समय आईआईएफ़सीएल के द्वारा ज़ारी किये गए किन्ही निर्देशों में हुई त्रुटी या विच्छेदन;
  • बैंक की अर्जी, या उसमे निहित कोई त्रुटिपूर्ण या असत्य कथन या सूचना, जांच-पड़ताल की परिस्थति के परिणामस्वरूप त्रुटिपूर्ण या असत्य निकले|
  • लेनदार इकाई द्वारा कहीं भी प्रयोज्य रियायती समझौते की किसी भी शर्त या नियम भंग करना तथा वैधानिक प्राधिकार द्वारा निर्धारित समझौते को रद्द करना|

 इस प्रश्न के लिए की कोई उपरोक्त घटना घटित हुई है या नहीं, आईआईएफ़सीएल का बैंक पर निर्णय अंतिम, निर्णायक तथा बाध्य होगा, तथा आईआईएफ़सीएल को यह सलाह देने की छूट प्राप्त है की वह भारतीय रिजर्व बैंक या अन्य भारतीय बैंक या कोई अन्य बैंक जिसके साथ बैंक अपना खता चालू रखती है या ऐसे खाते या खतों से लेन-देन करती है, जैसा आईआईएफ़सीएल सुनश्चित कर सकती है, देय मूल्य के साथ, तथा वही मूल्य आईआईएफ़सीएल को भुगतान किया जाये| ऐसा सम्बंधित बैंक के भुगतान किये जाने पर या पुनर्भुगतान या लाभ के लिए देय भुगतान किये जाने पर प्रत्यक्ष रूप से या अनिवार्यता पर आईआईएफ़सीएल के द्वारा धनराशि की पुनः प्राप्ति का अधिकार बिना किसी पक्षपात के होगा|

11.  बैंक यह वायदा करती है की भारतीय रिज़र्व बैंक या किसी अन्य बैंक द्वारा किया गया कोई भी डेबिट जिसके साथ बैंक खाते या खतों को चालू रखती है, आईआईएफ़सीएल  से प्रप्त परामर्श के निष्पादन में होगा, जैसे बैंक तथा भृत्य रेजेर्व बैंक के बीच या पूर्व कथित बैंक या बैंकों के बीच इस धारा की प्रतिलिपि तथा विधिक धारा या पूर्व कथित बैंक या बैकों के पक्ष में दिए गए विधिक आदेश के रूप में प्रभावी होगा जो की आईआईएफ़सीएल को लिखित में पूर्व स्वीकृति के बिना बैंक द्वारा रद्द करने योग्य नहीं होगा|

12.  बैंक, यद्यपि अपने संघटकों के क्रेडिट के सन्दर्भ में की गयी पूछ-ताछ या आईआईएफ़सीएल के द्वारा प्रदान की गयी सूचना, कथित ऋणों के सम्बन्ध में आईआईएफ़सीएल के द्वारा प्रदत्त किसी पुनर्भुगतान का देय भुगतान में सदैव आईआईएफ़सीएल के मूल ऋणदार के रूप में बाध्य होते हैं| बैंक इस बात से भी सहमत है की ऐसी स्थिति में वह पुनर्भुगतान की किश्त तथा/या पुनर्भुगतान पर जमा ब्याज का भुगतान तथा/या ना निकाले गए पुनर्भुगतान पर निर्धारित मूल्य को भुगतान देय तिथि पर भुगतान करने में असफल होती है तो यह आईआईएफ़सीएल द्वारा ज़ारी किया जा सकता है, आईआईएफ़सीएल को यह अधिकार है की जैसे उपरोक्त में बकाया धन के गैर-भुगतान के कारण त्रुटी होने की स्थति में ब्याज/अतिरिक्त ब्याज की वसूली करे| ऐसे ब्याज/अतिरिक्त ब्याज निम्नलिखित का विषय होंगे:

  • पुनर्भुगतान की त्रुटिपूर्ण किश्तों पर अतिरिक्त ब्याज वसूली 2% प्र.व् से अधिक या त्रुटी नहीं होने की स्थिति में ना चुकाए गए किश्तों के सम्बन्ध में प्रयोज्य ब्याज दर के ऊपर नहीं होना चाहिए; बैंक से ऐसे अतिरिक्त वसूल किये जाने वाले ब्याज की त्रुटी के सम्पूर्ण अवधि की गणना की जाएगी, मतलब की, देय तिथि जिस पर भुगतान नहीं हुआ हो वास्तविक भुगतान की तिथि के बीच का समय|
     
  • ब्याज/वाचंबध्यता मूल्य के त्रुटिपूर्ण मूल्यों पर ब्याज त्रुटी के तिथि पर प्रचलित पुनर्भुगतान के लिए आईआईएफ़सीएल के सामान्य लेंडिंग दर से 2% प्र.व् से अधिक नहीं होना चाहिए| बैंक द्वारा वसूल किया जाने वाला ऐसा ब्याज की त्रुटी की सम्पूर्ण अवधि के लिए गणना की जाएगी, मतलब की, आईआईएफ़सीएल के सूचना( ब्याज/वचनबद्धता मूल्य के द्वारा शेष मूल्य पर सलाह) की तिथि के 16 वें दिन से ले कर उस तिथि तक जब तक मूल्य का वास्तविक रूप से भुगतान किया जायेगा |

13. पुनर्भुगतान योजना, समय दर समय आईआईएफ़सीएल द्वारा ज़ारी किया गया निदेश/परिपत्र तथा कथित स्वीकृति पत्र को समझौते का भाग बनने की मान्यता दी जाएगी|

  1. कृप्या कर उधार धन से सम्बंधित अधिकारी/अधिकारियों के अधिकार सम्बंधित नियमों/सूचनाओं/आदेशों की प्रतिलिपि को प्रस्तुत करें तथा बैंक की और से समझौते के लिए क्रियान्वित करें|
  2. कृप्या कर अधिकारी के उधार धन का अधिकार देने से सम्बंधित अधिकारी/अधिकारियों के समर्थन में प्रतिनिधि के अधिकार का यथार्थ फोटोस्टेट/प्रमाणित प्रतिलिपि को प्रस्तुत करे तथा बैंक की और सेर समझौते के लिए क्रियान्वित करें|.
  3. कृप्या ध्यान दें की बैंक द्वारा संपादित करने से पूर्व इस समझौते पर भारतीय मुहर धारा, 1899 के अनुसूची १ के अनुच्छेद 5(स्थानीय परिवर्तन/सुधार का विषय) के अंतर्गत मुहर होनी चाहिए|
  4. कृप्या सुनिश्चित करें की सभी विवाद/रद्दीकरण/शेष/मिटने इत्यादि दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के लिए अधिकृत व्यक्ति/व्यक्तियों का पूर्ण हस्ताक्षर के अंतर्गत प्राधिकरण होना चाहिए|

जहाँ की वित्तपोषक संस्थान मुहरबंद दस्तावेज का निष्पादन करती है

का सामान्य मुहर

 

_______________________

(बैंक)

 

यहाँ तक मिलाया गया                                                                             (सामान्य मुहर)

कार्य-पालन कर्ता के लिए प्रस्ताव

बोर्ड द्वारा पारित किया गया

निदेशकों  का उनके अधिवेशन में

20 को संपन्न

श्री तथा श्री की उपस्थिति में

निदेशक                                                                                                  निदेशक

जिन्होंने इन इस पर हस्ताक्षर किये टोकन के रूप में उसका समर्पण           निदेशक

तथा श्री i

सचिव जिनके द्वारा समान रूप से उसी टोकन पर प्रति हस्ताक्षर                  सचिव


 

सूचना : निदेशक दल के प्रस्ताव की प्रमाणित प्रतिलिपि, सम्बंधित निदेशक द्वारा इस समझौते का सम्पादन प्राधिकृत करना, तथा या सामान्य मुहर के अंतर्गत प्रस्तुत करना चाहिए


 

अपने प्रमाण में जिसका एम्.ओ.यू की दलों ने यहाँ तक अपनी स्थिति की स्थापना अपने अधिकृत अधिकारी/उचित र्रूप से निर्मित प्रतिनिधि श्री/सर्वश्री

………………………………………………………………………………………………

………………………………………………………………………………………………


 

यहाँ पर प्रथम लिखित वर्ष में तथा दिनांक पर


 

कथित ………………………………………….

द्वारा हस्ताक्षर तथा वितरण

 (भारत संरचना वित्त कंपनी लिमिटेड)

अपने प्राधिकृत कर्मचारी के हस्त से

$

उचित रूप से निर्मित प्रतिनिधि

1.  ………………………………                                                      ………………………………

                                                                                                                        (हस्ताक्षर) 

2.  ………………………………                                                         ………………………………

                                                                                                                        (हस्ताक्षर)

    

                                                                                                                        प्राधिकृत अधिकारी

                                                                                                                ----------------------------------------

                                                                                                                उचित समय पर निर्मित प्रतिनिधि

कथित ………………………………………….

 द्वारा हस्ताक्षर तथा वितरण

(भारत आधारभूत संरचना वित्त निगम लिमिटेड)

अपने प्राधिकृत कर्मचारी के हस्त से


संलग्नक  “ए”
 

 

पी.एस.यू बैंक के लिए

    निगमित संस्था  (कार्यभार का स्थानांतरण तथा प्राप्ति )१1970
   /1980 के प्रावधानों के अंतर्गत हुआ ________________

 

भारतीय स्टेट बैंक के लिए

एक निगमित संस्थाजिसका निर्माण भारतीय स्टेट बैंक धारा
1955के प्रावधानों के अंतर्गत हुआ_________________

एस.बी.आई के सहायक बैंकों के लिए

    एक निगमित संस्थाजिसका निर्माण एस.बी.आई (अधीनस्थ बैंक)
     धारा,1959 के प्रावधानों के अंतर्गत हुआ ________________