निदेशक मंडल

 

श्री पंकज जैन
संयुक्‍त सचिव (आईएफ), वित्‍तीय सेवाएं विभाग 
श्री पंकज जैन केंद्र सरकार द्वारा जनवरी, 2016 से आगे के आदेश तक आईआईएफसीएल के निदेशक मंडल में सरकार के नामित निदेशक के तौर पर नियुक्‍त किए गये हैं। 
श्री पंकज जैन वर्ष 1990 बैच के एक आईएएस अधिकारी हैं जो वर्तमान में वित्‍तीय सेवाएं विभाग, वित्‍त मंत्रालय, भारत सरकार में संयुक्‍त सचिव के पद पर कार्यरत हैं1 वे श्री राम कॉलेज ऑफ कामर्स के पूर्व छात्र रहे हैं जहां उन्‍होंने वाणिज्‍य में स्‍नातक की डिग्री प्राप्‍त की उसके बाद एफएमएस, दिल्‍ली से एमबीए किया। वे भारतीय लागत लेखाकार संस्‍थान के सहयोगी के तौर पर लेखाकंन के विषय में पेशेवर योग्‍यता भी रखते हैं। उन्‍होंने असम एवं मेघालय सरकारों के लिए भी कार्य किया जिसमें सचिवालय एवं राज्‍य निगमों में ऊर्जा, योजना, सूचना प्रौद्योगिकी, आजीविका संवर्धन एवं उद्योग से संबंधित कार्यों के साथ शिलांग व तुरा के जिलाधिकारी के अलावा सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍ययम उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार में निदेशक के तौर पर कार्य भी शामिल है। उनके कार्य अनुभवो में अभिशासन सलाहकार एवं वरिष्‍ठ कार्यक्रम प्रबंधक के तौर पर ब्रिटिश इंटरनेशनल ऐड एजेंसी – अंतरराष्‍ट्रीय विकास विभाग (डीआईएफडी) के साथ तीन वर्ष का कार्यकाल भी शामिल है। उनकी अभिरूचियों के क्ष्‍ज्ञेत्र में बौद्धिक संपदा अधिकार शामिल है जहां उन्‍होंने भारतीय खिलौना उद्योग के लिए आईपीआर गाइड विकसित करने में यूनीडो (यूएनआईडीओ) के साथ सहयोग किया। वे भारत एवं बंगलादेश में लघु एवं मध्‍यम उद्योग द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अपनाने पर राष्‍ट्रमंडल सचिवालय एवं एशियाई उत्‍पादकता संगठन के सलाहकार भी रहे। रहे।
 

 

 

 

 

कुमार वी प्रताप,

 
सरकारी नामित निदेशक 
 
कुमार वी प्रताप, वित्त मंत्रालयभारत सरकार में संयुक्त सचिव (अवसंरचनानीतिवित्‍त एवं ऊर्जा) के पद पर कार्यरत हैं। इससे पूर्व उन्‍होंने प्रधान मंत्री कार्यालय, वित्‍त मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय, योजना आयोग (सभी दिल्‍ली में) एवं वर्ल्‍ड बैंक व भारतीय दूतावास (दोनों वाशिंगटन डीसी में) में कार्य किया है। उन्होंने युनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन (एन आर्बर)लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्ससिंगापुर मैनेजमेंट यूनिवर्सिटीली कुआन यू स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी (सिंगापुर)ड्यूक यूनिवर्सिटी (नॉर्थ कैरोलिना)युनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड (कॉलेज पार्क)यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैरोलिना (कोलंबिया)वर्ल्‍ड बैंक (वाशिंगटन डीसी)इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमैंट (आईआईएमलखनऊ)आईआईएम (इंदौर)एवं राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (मसूरी) में व्‍याख्‍यान भी दिया है। उन्होंने इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (हैदराबाद एवं मोहाली) में ‘अवसंरचना एवं निजी क्षेत्रपर सालाना दस व्‍याख्‍यान दिये।
कुमार वी प्रताप, भारत सरकार की अवसंरचना क्षेत्र में अनेक समितियों का हिस्‍सा रहे हैं जिनमें सड़क नियामक स्‍थापित करने वाले कार्य बल एवं शहरी जल आपूर्ति क्षेत्र में जन-निजी भागीदारी (पीपीपी) के लिए रियायत करार का मॉडल लिखने वाली समिति का अध्यक्ष पद शामिल है।  उन्‍होंने इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेडभारतीय रेलवे वित्‍त निगम लिमिटेडओएनजीसी विदेश लिमिटेड एवं एशियन इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्‍टमैंट बैंक (बीजिंग) के निदेशक मंडल में भी कार्यभार ग्रहण किया है।
उनके लेख ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेसवर्ल्ड बैंकमेलबोर्न यूनिवर्सिटीआर्थिक एवं राजनीतिक साप्ताहिक व इकोनोमिक्‍स टाइम्‍स एवं बिजनेस स्टैंडर्ड सहित लोकप्रिय प्रकाशनों में प्रकाशित हुए हैं। उन्‍होंने हाल ही में अवसंरचना में पीपीपी – चुनौतियों का प्रबंधन करना’ नामक शीर्षक से एक पुस्‍तक भी लिखी है जिसका प्रकाशन वर्ष 2018 की शुरूआत में स्प्रिंगर (सिंगापुर) द्वारा किया जाएगा। उन्‍हें यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न की इमर्जिंग लीडर्स फैलोशिपयूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न की जॉन जे सेक्सटन व डॉक्टरेट फैलोशिपभारतीय प्रधान मंत्री से प्रशंसा पत्र तथा राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (एनटीएसई) स्‍कॉलरशिप भी प्राप्‍त हुआ है।

 

 

   
श्री सोंजोय कुमार झा
 
सरकारी नामित निदेशक
 
 
   

श्रीमती पी वी भारती

सरकारी नामित निदेशक 
श्रीमती पी वी भारती विज्ञान में स्‍नातक तथा बीएड उपाधि धारक हैं। आपने (अर्थशास्‍त्र) में स्‍नातकोत्‍तर भी किया है। व्‍यावसायिक तौर पर एक बैंकर के रूप में आप इंडियन इंस्‍टीट्यूट आफ बैंकर से प्रा‍माणिक ऐसोसियेट(संबद्ध) हैं और आपने एनआईबीएम, पुणे से बैंकिंग एवं फाइनेंस में समेकित पाठ्यक्रम भी किया हुआ है।
 
आपने अपने कैरियर की शुरूआत कैनारा बैंक में एक अधिकारी के रूप में की, जहां पूरे देश भर तथा हांगकांग में विभिन्‍न शाखाओं तथा प्रशासनिक कार्यालय में विभिन्‍न क्षमताओं के साथ काम किया है। आप बैंक की ओर से बैकों के द्वारा मूल्‍यांककों के सूचीकरण हेतु मानकीकरण प्रक्रिया के लिए कार्यकारी समूह की नामांकित सदस्‍या भी थीं। आप देश के अंदर एवं देश से बाहर बहुत सारे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग ले चुकी हैं। इसके साथ ही आपने मिंट, एसोचैम, क्रिसिल आदि द्वारा आयोजित पैनल परिचर्चा में भाग भी लिया है। आप अपने बैंक में प्रमुख जोखिम अधिकारी थीं और अपने विशाल अनुभव एवं उच्‍च योग्‍यता के आधार पर आप चौतीस साल की अवधि में बैंक के कार्यकारी निदेशक तक पहुंच सकीं। आप बैंक की विभिन्‍न सहायक कंपनियों एवं संयुक्‍त उद्यम- मेसर्स कामर्शियल इंडो बैंक एलएलसी, मास्‍को  के बोर्ड में भी सदस्‍य थीं।
 
बैंकिंग क्षेत्र में आपने अपनी उपलब्धियों हेतु विभिन्‍न पुरस्‍कार एवं ईनाम प्राप्‍त किए, जिसमें बैंकिंग में अतिउत्‍त्‍म कार्य हेतु‘’झांसी रानी’’ तथा उत्‍तम बैंकिंग सेवा हेतु‘’आर्यभट्ट इंटरनेशनल एवार्ड- 2017’’भी शामिल हैं।

 

 
   
 
श्री सी.जी. चैतन्‍य
अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक नामिति निदेशक
 
श्री चिंतापल्‍ली गायत्री चैतन्‍य ने बैंक ऑफ इंडिया में जून, 1985 परिवीक्षाधीन कृषि अधिकारी के तौर पर कार्य ग्रहण किया था। उन्‍होंने उक्‍त बैंक में अपने 32 वर्ष के कैरियर में अनेक कार्यों का सफलतापूर्वक संचालन किया। बैंक ऑफ इंडिया में कार्यपालक निदेशक के तौर पर उनके पद ग्रहण से पूर्व वे बैंक ऑफ इंडिया सिंगापुर सेंटर के मुख्‍य कार्यपालक रहे जिसके अंतर्गत सिंगापुर, कंबोडिया, वियतनाम, इंडोनेशिया एवं म्‍यांमार आते हैं। उन्‍होंने पूरे भारतवर्ष में विभिन्‍न शाखाओं में प्रबंधकीय पद संभाले इस प्रकार हर तरह से बैंकिंग/प्रशासनिक ज्ञान अर्जित किया। श्री चैतन्य को न्यूयॉर्क शाखा के उपाध्यक्ष सहित विभिन्न क्षमताओं में विदेशों का व्यापक अनुभव प्राप्‍त है। एक टीम लीडर के तौर पर उन्‍होंने न्यूयॉर्क में मिडास से मिडास प्लस के माइग्रेशन सिस्टम के सफल कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें ऋण के बारे में व्‍यापक समझ व अनुभव प्राप्‍त है। इसके अलावा उन्‍हें सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र का बहुत अच्‍छा अनुभव है।
 
श्री चैतन्‍य ऐसे महत्‍वपूर्ण व्‍यक्ति हैं जिन्‍होंने बैंक ऑफ इंडिया में जिन्होंने बैंक ऑफ इंडिया में समूहन प्रकोष्‍ठ (सिंडिकेशन सेल) की अलग विभाग तौर पर शुरूआत की। उन्‍हें तकनीकी मूल्‍यांकन विभाग के साथ-साथ परियोजना वित्‍त में अपार अनुभव प्राप्‍त है। इस प्रकार उन्‍होंने बिजली, सड़क, इस्‍पात, अवसंरचना एवं विनिर्माण क्षेत्र में अपार अनुभव अर्जित किया है।  
 
उन्‍हें बैंक ऑफ इंडिया में 09/10/2017 से कार्यपालक निदेशक के तौर पर पदोन्‍नत किया गया।